जिरुआ जलाशय में विदेशी पक्षियों का जमावड़ा लगना शुरू




रंग बिरंगे विदेशी पक्षियों के कलरव व जल क्रिड़ा से जिरुआ जलाशय सहित आसपास के वन अच्छादित वादिया हो रहे गुलजार

महेंद्र गुप्ता

रमना : सर्दी का मौसम आते ही जिरुआ जलाशय में विदेशी पक्षियों का जमावड़ा लगना आरंभ हो गया है। सुबह और शाम रंग बिरंगे विदेशी पक्षियों के कलरव व जल क्रिड़ा से जिरुआ जलाशय सहित आसपास के वन अच्छादित वादीया गुलजार होने लगी है। पक्षियों का कलरव व अठखेलिया लोगों को अपने ओर आकर्षित कर रहा है। विदित हो कि प्रखंड के गम्हरिया पंचायत स्थित रमना – धुरकी मुख्य पथ पर पचास के दशक मे तत्कालीन भूस्वामी बाबू सुरेश्वर सिंह के द्वारा सिचाई के लिए जिरुआ बांध बनवाया गया है। जिससे गम्हरिया, सिलिदाग, रमना के कई सौ एकड़ भूमि का पटवन आज भी किया जा रहा है। वही प्रत्येक साल नवंबर से फरवरी के अंत तक विदेशी पक्षियों के बसेरा के रुप में जाना जाता है। जिसे देखने के लिए स्थानीय लोगों के साथ साथ आसपास के सैकड़ों लोग रोज जलाशय पहुंचते है।
पर्यटन की है संभावना
प्रखंड के गम्हरिया पंचायत मे सुरम्य जंगलो व वादीयो के बीच बना जिरुआ जलाशय के साथ साथ साथ गोविंद बांध, चना कला डैम व बुलका पंचायत के बरहिया डैम मे सर्दी के मौसम आरंभ होते ही झुड के झुड मे विदेशी पक्षियों का आगमन होना शुरु हो जाता है। इन स्थानों पर नये साल के आगमन पर पिकनिक मनाने वाले लोगों की भीड़ लगी रहती है। जंगल पहाड़ के बीच बना सभी जलाशयो मे पर्यटन की अपार संभावना होने के बावजूद शासन प्रशासन इसके प्रति गंभीर नही है।
क्या कहते हैं लोग
प्रखंड मे जिरुआ सहित कई जलाशय में सर्दी के मौसम में विदेशी पक्षियों का जमावड़ा लगा रहता है|सरकार इन स्थानों को विकसित करती है तो पर्यटन के साथ रोजगार की संभावना भी बढ़ेगा।

जिरुआ जलाशय सहित अन्य दर्शनीय स्थलो को पर्यटक क्षेत्र घोषित कर विकसित करने की मांग सरकार के समक्ष उठाया गया है। उठाए गये मामले सरकार के समक्ष विचाराधीन है।

भानू प्रताप शाही

विधायक सह सभापति

कला संस्कृति व पर्यटन विभाग

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