पारा शिक्षकों के मामले को लेकर विस का शीतकालीन सत्र गरम, सदन दो बार कार्यवाही स्थगित


रांची : पारा शिक्षकों के मामले को लेकर झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र गरम है। विपक्ष इस मामले को लेकर शीत सत्र में सत्तापक्ष को गरमी का एहसास करा रहा है। विपक्ष पारा शिक्षकों की मांगों को सरकार से सवाल कर रहा है। सत्र के दूसरे दिन आज पारा शिक्षकों की मांगों को लेकर सदन में भारी शोर शराबा हुआ। शोर शराबे के कारण प्रश्नकाल की कार्यवाही पूरी तरह से बाधित रही। विपक्ष की ओर से पारा शिक्षकों की समस्याओं को लेकर लाये गए कार्य स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा कराने की मांग को लेकर विपक्ष के सदस्य वेल में आ गए लिहाजा स्पीकर को दो बार सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

विपक्ष के भारी शोर शराबे के बीच पास हुआ अनुपूरक बजट

आज सदन में विपक्ष के भारी शोर शराबे के बीच चालू वित्तीय वर्ष के लिए 1117.12 करोड़ रुपये का द्वितीय अनुपूरक बजट पारित हो गया। इसके साथ ही दो विधेयक भी पारित हुए। झारखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2018 और झारखंड माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक 2018 को भी बीच ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। सरकार द्वारा विधानसभा से विगत 11 अगस्त 2017 को पारित कारखाना (झारखंड संशोधन) विधेयक 2017 और 16 मार्च 2016 को पारित मजदूरी भुगतान (झारखंड संशोधन) विधेयक 2016 को वापस ले लिया गया।इससे पहले आज सुबह विधानसभा अध्यक्ष द्वारा आसन ग्रहण करने के साथ ही विपक्षी सदस्य पारा शिक्षकों के मुद्दे को लेकर शोर-शराबा करने लगे। विपक्षी सदस्यों द्वारा पारा शिक्षकों की मांगों के समर्थन में किए जा रहे शोर शराबे और नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही भोजनावकाश के पहले तक पूरी तरह से बाधित रही। पारा शिक्षकों की समस्याओं को लेकर लाये गए कार्य स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा कराने की मांग को लेकर विपक्ष के कई सदस्य वेल में आ गए और नारेबाजी करने लगे। सदन को व्यवस्थित नहीं देख कर स्पीकर ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।इससे पूर्व स्पीकर ने पारा शिक्षकों समेत अन्य मुद्दों को लेकर कांग्रेस, झामुमो, झाविमो, बसपा विधायक की ओर से लाए गए अलग-अलग कार्य स्थगन प्रस्ताव को अस्वीकृत कर दिया। स्पीकर ने कहा कि इन मुद्दों पर अनुपूरक बजट पर चर्चा और पारा शिक्षकों की मांगों को लेकर ही सत्ता पक्ष के कई विधायकों की ओर से ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान भी विपक्षी सदस्यों को अपनी बात कहने का अवसर मिल सकता है। इसलिये कार्यस्थगन प्रस्ताव को अस्वीकृत किया जाता है।विपक्षी सदस्यों के शोर शराबे के बीच संसदीय कार्य मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने कहा कि सरकार पारा शिक्षकों के ज्वलंत मुद्दों के समाधान के लिए तत्पर है। सरकार पारा शिक्षकों से चर्चा करना चाहती है। नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने कहा कि अलग राज्य गठन के बाद वर्ष 2002 से ही पारा शिक्षक काम कर रहे हैं, लेकिन इससे पहले कभी एक भी पारा शिक्षक की जान नहीं गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पारा शिक्षकों के मुद्दे पर संवेदनहीन है और महिला तथा पुरुष पारा शिक्षकों के प्रति क्रूरता का परिचय दिया है। उन्होंने पारा शिक्षकों के मुद्दे पर विपक्ष की ओर से दिए गए कार्य स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा कराने और मुख्यमंत्री से जवाब देने की मांग की।झाविमो के प्रदीप यादव ने भी कहा कि पारा शिक्षकों का मुद्दा आज काफी अहम है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में शर्मनाक घटना हुई महिला पारा शिक्षकों की पिटाई की गई और गर्भवती पारा शिक्षकों को जेल में डाला गया। उन्होंने कहा कि मनरेगा और राजस्व कर्मी भी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर है, इसलिए सरकार तुरंत समाधान निकालने की दिशा में पहल करे।सत्तापक्ष के मुख्य सचेतक राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि सत्तापक्ष की ओर से कई सदस्यों द्वारा पारा शिक्षकों की मांगों को लेकर ध्यानाकर्षण सूचना दी गई है। और कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार इस पर विशेष वाद विवाद का समय भी निर्धारित किया गया है।इस बीच झामुमो, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के कई सदस्य इस मुद्दे पर सदन में चर्चा कराने की मांग को लेकर आसन के निकट आ गए। जिसके बाद स्पीकर ने उन्हें समझाने की काफी कोशिश की लेकिन सदन को व्यवस्थित नहीं होता देख सभा की कार्यवाही 12:30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। सदन की कार्यवाही दोपहर 12ः30 बजे शुरू होने पर स्पीकर ने सत्तापक्ष के मुख्य सचेतक राधाकृष्ण किशोर के द्वारा लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा कराने की बात कही। नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने कहा कि ध्यानाकर्षण से पहले कार्य स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा होनी चाहिए और पारा शिक्षकों के मुद्दे पर कार्य स्थगन प्रस्ताव के तहत ही चर्चा कराई जानी चाहिए। इसके बाद विपक्ष के कई सदस्य अपनी बातों को लेकर वेल के निकट आ गए। शोर शराबे के बीच झाविमो विधायक प्रदीप यादव ने सदन में पेश द्वितीय अनुपूरक बजट पर कटौती प्रस्ताव पर चर्चा की शुरुआत की। इसके बाद स्पीकर ने सभा की कार्यवाही दोपहर भोजनावकाश तक स्थगित कर दी।भोजनावकाश के बाद की कार्यवाही शुरू होने पर विपक्षी सदस्य फिर पारा शिक्षकों की मांगों को लेकर नारेबाजी करते हुए आसन के निकट आ गये। विपक्षी सदस्यों के शोरगुल के बीच ही स्पीकर ने द्वितीय अनुपूरक बजट की अनुदान मांग और तत्संबंधी झारखंड विनियोग विधेयक को ध्वनिमत से पारित कराये जाने की घोषणा की। विपक्षी सदस्यों के शोरगुल के बीच ही श्रम मंत्री राज पालिवार ने विधानसभा से पूर्व में पारित दो विधेयकों को वापस लेने का प्रस्ताव रखा, जिसे वापस ले लिया गया। जबकि शिक्षामंत्री नीरा यादव ने झारखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2018 तथा संसदीय कार्यमंत्री झारखंड माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक 2018 को सभा पटल पर रखा, जिसे बिना कोई चर्चा के पारित कर दिया गया। संशोधन विधेयक पारित हो जाने के बाद स्पीकर ने सदन की कार्यवाही कल तक 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

(पलामू प्रमंडल की ख़बरों के लिए बंशीधर न्यूज़ मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

शेयर करें