बंध्याकरण घोटाले की साजिश की आग में झुलस  सकते हैं दर्जन भर निजी अस्पताल, लटक रही है कार्रवाई की तलवार




संजीव कुमार शर्मा
गढ़वा : स्वास्थ्य विभाग गढ़वा में हुए बंध्याकरण ऑपरेशन घोटाले की साजिश की आग में जिले भर के करीब एक दर्जन निजी अस्पताल झुलस सकते हैं। इस साजिश में अब तक एक सिविल सर्जन एवं दो अन्य कर्मी कार्रवाई की चपेट में आ चुके हैं। इस मामले की जांच राज्यस्तरीय टीम कर रही है। जो संकेत मिल रहे हैं उसके मुताबिक बड़ी जल्दी जांच की आंच निजी अस्पतालों तक पहुंचने वाली है। जांच पूर्ण होने के बाद कभी भी अस्पताल संचालक पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
ज्ञात हो कि गढ़वा के पूर्व एसीएमओ डॉ कन्हैया प्रसाद ने जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) आशुतोष मिश्रा के विरुद्ध महिला बंध्याकरण एवं पुरुष नसबंदी ऑपरेशन में निबंधित निजी अस्पतालों को 2 करोड़ 38 लाख 17 हजार ₹500 की विपत्र भुगतान करवाने के प्रयास की साजिश का खुलासा किया था। इस संबंध में डॉ. प्रसाद ने मामले की साजिश खुलासा करते हुए कार्रवाई के लिए विभाग को लिखा था।
साथ ही विपत्र भुगतान के लिए दर्शाये गए बंध्याकरण आपरेशन का रेंडम जांच के लिए आदेश दिया था। जिसमें 10% रेंडम जांच में अधिसंख्य मामले गलत पाए गए थे। इस दौरान गुलाब हॉस्पिटल नगर उंटारी, लॉन्ग लाइफ हॉस्पिटल भवनाथपुर, श्री यंत्रम हॉस्पिटल नगर उंटारी, सूर्य क्लिनिक वेलफेयर सोसायटी गढ़वा, आरोग्यम हॉस्पिटल गढ़वा, आयुष ट्रस्ट हॉस्पिटल रंका एवं संजीवनी हॉस्पिटल नगर उंटारी का जांच कराया गया था। जांच में अधिकतर मामले गलत पाए गए थे।

एक दर्जन निजी अस्पतालों का एकरारनामा हुआ था निरस्त

तत्कालीन सिविल सर्जन ने बंध्याकरण ऑपरेशन घोटाले की साजिश की खुलासा होने पर जिले भर में लगभग एक दर्जन निजी अस्पतालों का एकरारनामा निरस्त किया था। जानकारी के अनुसार सिविल सर्जन ने आरोग्यम अस्पताल एंड रिसर्च सेंटर गढ़वा, मदन क्लिनिक गढ़वा, संजीवनी मेडिकेयर गढ़वा, परमेश्वरी हॉस्पिटल गढ़वा, आयुष ट्रस्ट हॉस्पिटल रंका, गुलाब नर्सिंग हॉस्पिटल नगर उंटारी, संजीवनी हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर नगर उंटारी, एमजी हॉस्पिटल गढ़वा, श्री यंत्रम हॉस्पिटल नगर उंटारी, नवनीत सर्जिकल सेंटर गढ़वा, सूर्य क्लिनिक एंड वेलफेयर सोसायटी गढ़वा एवं सरस्वती चिकित्सालय गढ़वा का परिवार कल्याण ऑपरेशन कार्य के लिए किया गया एकरारनामा को निरस्त कर दिया था।

अस्पताल संचालकों पर कार्रवाई निश्चित : सीएस
इस संबंध में सिविल सर्जन सह एसीएमओ सह जिला आरसीएच पदाधिकारी डा. एनके रजक ने बताया कि मामले का खुलासा होने के बाद इस मामले की जांच राज्य स्तरीय टीम कर रही है। राज्य की टीम एक बार जांच कर चुकी है। पुनः जांच की जा सकती है। उन्होंने बताया कि जांच के बाद दोषी कर्मियों एवं अस्पताल संचालकों के विरुद्ध कार्रवाई निश्चित रूप से होगी। उन्होंने बताया कि इस मामले से संबंधित सारा डॉक्यूमेंट राज्यस्तरीय टीम ने जब्त कर लिया है। मामले की जांच कर कार्रवाई ऊपर से ही होगी।

पूर्व सीएस डॉ हेम्ब्रम समेत तीन पर गिर चुकी है गाज
इस मामले में अब तक पूर्व सिविल सर्जन डॉ. टी हेंब्रम, डीपीएम आशुतोष मिश्रा एवं सहिया समन्वयक विनय कुमार पर गाज गिरी है। उपरोक्त तीनों के विरुद्ध कार्रवाई की जा चुकी है। डॉ हेम्ब्रम सस्पेंड हो गए हैं। जबकि आशुतोष मिश्रा और विनय कुमार की छुट्टी हो गई है। अब जांच के बाद संबंधित अस्पताल संचालकों के विरुद्ध भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है।

 

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