नक्सलियों से लोहा लेने वाले बटोही सिंह नहीं रहे




मझिआंव से अनूप सिंह

मझिआंव : मझिआंव के मोरबे निवासी अम्बिका सिंह उर्फ बटोही सिंह नहीं रहे। बटोही सिंह 102 वर्ष थे। उन्होंने गढ़वा निवास पर सुबह आज 7:30 बजे अंतिम सांस ली। आज सुबह 8 बजे तक बटोही सिंह के निधन की खबर मंझिआंव और आसपास के गांवों में आग की तरह कि तरह फैल गई। मोरबे में उनके घर पर लोगों का भीड़ जुट गई है। बटोही सिंह के निधन से मोरबे गांव के साथ आसपास के भी गांवों में शोक की लहर दौड़ गई है।

तीन दशक तक मुखिया रह चुके थे बटोही सिंह
बटोही सिंह लगभग तीन दशक तक मोरबे पंचायत के मुखिया रह चुके थे। बटोही सिंह शुरूआत में जब नक्सलवाद का जन्म हो रहा था उस समय गढ़वा और पलामू दोनों जिला में नक्सलियों से लोहा लिया और अपने क्षेत्र में अंतिम तक प्रवेश नहीं करने दिया। उन्होंने नक्सलियों को लोहे के चने चबवा दिए थे। बटोही सिंह बहुत ही नेक दिल इंसान थे। पंचायत को छोड़ आसपास के 15-20 किलोमीटर के लोग जमीन विवाद हो या घर का विवाद हो लोग उन्हें ही फैसला करने के लिए बुलाते थे। वे निष्पक्ष फैसला करते थे। जब तक अपने पैरों पर चलते रहे तब तक लोगों के बीच जाकर फैसला करते रहे। नक्सलियों से लोहा लेने के दौरान उन्हें जेलयात्रा भी करनी पड़ी फिर भी नक्सलियों से अपना हार कभी नहीं माने। श्री सिंह मंझिआंव-विश्रामपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव भी लड़ चुके थे।
श्री सिंह के निधन पर मोरबे पंचायत के मुखिया आदित्य ठाकुर ऊर्फ अनुज, कांडी मुखिया संघ अध्यक्ष एवं सरकोनी पंचायत मुखिया मीना देवी, मझिआंव सांसद प्रतिनिधि बीरेंद्रनाथ दुबे, मझिआंव रेफरल अस्पताल अधिकारी डाॅक्टर कमलेश कुमार समेत कई लोगों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।

 

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