दिलीप नामधारी के वनभोज में उमड़े समर्थक, कार्यकर्ता ही नेताओं की असली शक्तिः नामधारी




मेदिनीनगर : पलामू-लातेहार की सीमा और कोयल-औरंगा नदी के संगमस्थल केचकी पुल के नीचे झारखंड विकास मोर्चा के युवा नेता दिलीप सिंह नामधारी द्वारा नववर्ष के उपलक्ष्य में दिये गए वनभोज में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने रमणीक तट का आनन्द लेते हुए स्वादिष्ट व्यंजनों का लुफ्त उठाया। इस दौरान थोड़े समय के लिए दिलीप नामधारी के पिता एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष इंदर सिंह नामधारी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं को नववर्ष की शुभकामनाएं दी। मौके पर श्री नामधारी ने कहा कि कार्यकत्र्ता ही किसी नेता की असली शक्ति होते हैं। इसलिए नेताओं को चाहिए कि वे कार्यकत्र्ताओं के प्रति समर्पित रहें। दिलीप जी ने सहयोगियों को बताया कि दो बार की हार ने उनके मनोबल को कम नहीं किया है अपितु मेरे अनुभव को बढ़ाया है, ताकि समय आने पर ‘मैं उसका सार्थक उपयोग कर सकूं। कई अन्य कार्यकर्ताओं ने जनसभा अपने विचार व्यक्त किए एवं गीत भी गाये। भाषणों में वर्तमान राजनीति पर भी प्रकाश डाला गया तथा सभी ने एक स्वर से दिलीप जी का साथ देने का संकल्प लिया। मौके पर पार्टी के अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के अध्यख प्रभात भुईयां, संजर नवाज, विनय त्रिपाठी (उपाध्यक्ष मुखिया संघ सह सदर प्रखण्ड अध्यक्ष जे.वी.एम), अनिल पाण्डेय, श्रीकान्त चन्द्रवंशी, रमेश भुईयां (मुखिया), लखन चैधरी (मुखिया), प्यारी चैधरी, राजकिशोर चैरसिया, महावीर प्रसाद, देवलाल सिंह निराला, राजू भुईयां (मुखिया), नन्दकिशोर मेहता ने अपने विचार व्यक्त किए।मौके पर मुक्तेश्वर पाण्डेय, बब्लु तिवारी, नारेन्द्र मेहता, नन्दलाल सिंह, प्रमोद सिंह, जगनारायण पाण्डेय, प्रमोद मेहता, रमेश चैधरी, संतोष गुप्ता, संतोष प्रसाद, अरूण पाण्डेय, भरदुल सिंह, कौशल किशोर सिंह, सुधीर यादव, प्रेम चन्द्रवंशी, वचन भारती, विभूती भारती सहित हजारों की संख्या में कार्यकत्ताओं ने भाग लिया।

 

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