पलामू की समृद्धि के लिए खून-पसीना एक कर देंगे : अविनाश देव


मेदिनीनगर : पलामू में पारंपरिक मिट्टी कला से जुड़े शिल्पकार परिवारों के दिन बहुरने वाले हैं। झारखण्ड माटी कला बोर्ड के सदस्य अविनाश देव की पहल व मेहनत रंग दिखाने लगी है। पलामू के उपायुक्त की गंभीरता व सहयोग से माटी कला से जुड़े शिल्पकारों को रोजगार का अवसर प्रदान करने के लिए मृदा-पलाश स्वावलंबी सहकारी समिति का गठन किया गया है। उपायुक्त डॉ. शांतनु कुमार अग्रहरि द्वारा माटी कला बोर्ड के सदस्य श्री देव को झारखण्ड सरकार का को-ऑपरेटिव प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। इस दौरान उपायुक्त ने उन्हें मिट्टी के कार्य से जिले के पांच हजार युवक-युवतियों को जोड़ने की सलाह दी। श्री देव ने भी उपायुक्त को पूरी जिम्मेवारी के साथ कार्यों को पूरा करने का भरोसा दिलाया। कहा कि शिक्षा, चिकित्सा व रोजगार के क्षेत्र में पलामू को समृद्ध बनाने के लिए वे अपना खून-पसीना एक कर देंगे। जानकारी देते हुए श्री देव ने बताया कि समिति के गठन का उद्देश्य बेरोजगार नवजवान शिल्पकारों को रोजगार के अवसर प्रदान करने के साथ-साथ महिलाओं के खाली समय का सदुपयोग कर उनकी आमदनी बढ़ाना एवं उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। समूह से जोड़कर महिलाओं को प्रतिमाह 30 से 40 हजार रुपये की आमदनी लायक बनाना है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में शुरू की गयी पहल के पहले चरण में माटी का बर्तन बनाने के लिए पोखराहा मेडिकल कॉलेज के बगल में फैक्ट्री स्थापित किया जा रहा है। इसके लिए ज्ञानी पंडित द्वारा ढ़ाई एकड़ जमीन उपलब्ध करायी गयी है। कारिगरों को विशेष प्रशिक्षण के लिए रांची के बुंडू भेजा गया है। श्री देव ने बताया कि इससे माटी शिल्पकारों का सपना तो साकार होगा ही, प्लास्टिक मुक्त एवं मिट्टी युक्त प्रदेश का ताना-बाना भी मजबूत होगा। यहां की बनी कुल्हड़ व पानी का बोतल बड़े पैमाने पर प्रदेश व देश स्तर पर सप्लाई किया जायेगा। इसके अलावे आकर्षक बोतल, कुकर, तवा, फ्रीज, मटका, कप, प्लेट, ग्लास समेत क्रोकरी के अन्य सामान बनाये जायेंगे। मिट्टी के उत्पाद स्वाद व स्वास्थ्य से भरपूर होंगे। बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार मिलेगा तो पलामू से पलायन रूकेगा।

 

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