श्री बंशीधर अनुमंडल अस्पताल में बंध्याकरण में लापरवाही पर स्वास्थ्य विभाग रेस, सीएस ने खुद की मामले की जांच


श्री बंशीधर नगर : अनुमंडलीय अस्पताल में अकुशल नर्स एवं कंपाउंडर के द्वारा महिलाओं का बंध्याकरण आॅपरेशन किये जाने की खबर प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग रेस हो गया है। जिले के सिविल सर्जन डा एनके रजक ने शुक्रवार को अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचकर पूरे मामले की जांच की। जांच के दौरान उन्होंने डीएस से बंध्याकरण से संबंधित जानकारी ली तथा आॅपरेशन के दौरान उस समय ओटी में मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों से भी प्रतिवेदन मांगा। सीएस ने ओटी, लैब, प्रसव कक्ष आदि का भी निरीक्षण कर वस्तुस्थिति का जायजा लिया। यहां बता दूं कि बंशीधर न्यूज एप में गत 30 जनवरी के अंक में अनुमंडलीय अस्पताल में बंध्याकरण के नाम पर महिलाओं के जान के साथ खिलवाड़ किये जाने एवं अकुशल नर्स एवं कंपाउंडर के द्वारा महिलाओं का बंध्याकरण आॅपरेशन किये जाने की खबर प्रमुखता से प्रकाशित की गई थी।इसके लिये डीएस व सर्जन दोनो जिम्मेदार : सीएस

जांच के बाद सीएस ने पत्रकारों को बताया कि अस्पताल में सर्जन की मौजूदगी में अकुशल नर्स एवं कंपाउंडर के माध्यम से महिलाओं का बंध्याकरण आॅपरेशन किया जाना गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि आखिर किस परिस्थिति में बाहरी लोग ओटी में प्रवेश कर बंध्याकरण किये। इस घटना के लिये अस्पताल की डीएस डा सुचित्रा कुमारी एवं सर्जन डा नाथुन साह पूरी तरह से जिम्मेवार हैं। दोनों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी। किसी भी हाल में दोनों को बख्शा नहीं जायेगा।

डीएस व सर्जन पर कार्रवाई के संकेत

अनुमंडलीय अस्पताल में अकुशल नर्स एवं कंपाउंडर के द्वारा महिलाओं का बंध्याकरण आॅपरेशन किये जाने के मामले में अस्पताल की डीएस डा सुचित्रा कुमारी एवं सर्जन डा नाथुन साह पर कार्रवाई के संकेत मिले हैं। मामले की जांच के बाद सिविल सर्जन डा एनके रजक ने जिस ईमानदारी और साफगोई से सच को स्वीकार किया उससे दोषियों पर कार्रवाई की संभावना बलवती नजर आ रही हैं। बकौल सीएस अस्पताल में सर्जन की मौजूदगी में अकुशल नर्स एवं कंपाउंडर के माध्यम से महिलाओं का बंध्याकरण आॅपरेशन किया जाना अस्पताल प्रबंधन की घोर लापरवाही है। उन्होंने यह भी माना कि अस्पताल में जितना भी बंध्याकरण आॅपरेशन किया गया है, उसमें इन दोनों की सहभागिता नहीं है इससे इंकार नहीं किया जा सकता है। सीएस के जांच के क्रम में डीएस ने भी स्वीकार की कि सर्जन डॉ नाथुन साह के साथ दो कर्मी आते थे और डॉ नाथुन साह के साथ ओटी में आॅपरेशन किया करते थे। सीएस डॉएनके रजक ने कहा कि अस्पताल में गरीब मरीज ही इलाज कराते हैं। उन्हें स्वास्थ्य सुविधा का लाभ नहीं मिले यह दुर्भाग्यपूर्ण है।

 

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