शिक्षक शिक्षकेत्तर कर्मियों की आवाज बनकर विधानसभा में गरजे विधायक भानू



  

गढ़वा: झारखंड में शिक्षा का अलख जगा रहे राज्यभर के तीन हजार से अधिक शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों की आवाज बनकर विधायक भानू प्रताप शाही सदन में गरजे। विधायक की इस पहल से राज्यभर के स्थायी संबद्घ डिग्री महाविद्यालयों के कर्मियों की उम्मीद जग गयी है। स्थाई संबद्घ डिग्री महाविद्यालय की नीलाम्बर-पीताम्बर इकाई ने विधायक भानू की इस पहल का स्वागत किया है एवं शिक्षाकर्मियों के प्रति उनके इस उदारभाव का हृदय से अभार व्यक्त किया है। स्थायी संबद्घ डिग्री कॉलेजों को घाटानुदान देने एवं अंगीभूत करने की सरकार के निर्णय पर अमल नहीं होने से संबंधित प्रश्न विधायक भानू ने सदन में पूछा था। सरकार इस मामले पर टालमटोल करने लगी तो विधायक भानू ने फिर से सवाल उठाते हुए कहा कि कॉलेजों को अंगीभूत करने के लिए 2011 में ही कमेटी बनी थी। उसका रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं हुआ और फिर से एक कमेटी बनाने का आश्वासन दिया जा रहा है। यह झारखंड में उच्च शिक्षा के साथ मजाक से कम नहीं है। सरकार इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर त्वरित कार्रवाई करते हुए कॉलेजों को अंगीभूत करे। ताकि अपना सब कुछ दाव पर लगाकर उच्च शिक्षा का अलख जगा रहे शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मियों एवं उसके परिवारों का संचालन हो सके। जानते चलें कि इस मुद्दे को लेकर गढ़वा विधायक सत्येन्द्र तिवारी ने भी महासंघ के प्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री रघुवर दास से कई बार मुलाकात की थी। विधायक भानू प्रताप शाही एवं सत्येन्द्र तिवारी को इस महान कार्य के लिए महासंघ के अध्यक्ष विवेकानंद उपाध्याय, संरक्षक आरपी शुक्ला, रवीन्द्र द्विवेदी, प्रेमचंद महतो, बीडी सिंह, डा़ सुभग सिंह, डा़ अरूण सिंह, परवेज आलम, अरूण तिवारी, निकलेश चौबे, उमेश सहाय, बिरेन्द्र पांडेय, अशोक पांडेय, कमलेश सिन्हा आदि ने बधाई दी है।

 

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