मेराल में 14वें वित्त से करोड़ों रुपए की लगाई गई स्ट्रीट लाइट की कराई जाएगी जांच – 20 सूत्री अध्यक्ष


बलराम शर्मा
मेराल : प्रखंड 20 सूत्री की बैठक बुधवार को प्रखंड सभागार में हुई जिसमें कई अहम निर्णय लिया गया। अंचलाधिकारी राकेश सहाय की उपस्थिति में हुई बैठक की अध्यक्षता 20 सूत्री अध्यक्ष प्रमोद कुमार चौबे ने किया। बैठक शुरू होते ही सदस्यों ने पूर्व बैठक में लिए गए निर्णय का अनुपालन नहीं होने का मामला उठाया। जिस पर अध्यक्ष की अनुमति से अंचला अधिकारी ने 24 घंटा के अंदर सभी पंचायत सचिव को स्पष्टीकरण देने तथा 1 सप्ताह के अंदर 14वें वित्त की राशि से वर्ष 2016 17 से अब तक लिए गए योजना की सूची प्रखंड कार्यालय को उपलब्ध कराने का प्रस्ताव पारित किया गया। इसके बाद सरकारी सभी विभाग द्वारा संचालित कार्यक्रमों की बारी बारी से समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना में सभी किसानों को जोड़ने तथा वैसे रैयत जिनका निधन हो चुका है उनके आश्रितों को भी लाभ देने का निर्णय हुआ। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जरूरतमंद लोगों का चयन कर प्राथमिकता के साथ उन्हें आवास उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। 20 सूत्री की पिछली बैठक में कुछ विद्यालयों में अनियमितता की शिकायत के मद्देनजर जो जांच रिपोर्ट आई थी उसे उपायुक्त गढ़वा को सूचनार्थ भेजना का निर्णय लिया गया। सदस्यों द्वारा धान क्रय में किसानों से धान तौलाई का पैसा वसूलने का मामला जोरदार ढंग से उठाया गया जिस पर अध्यक्ष तथा अंचलाधिकारी द्वारा सदस्यों के साथ संयुक्त रूप से इसकी जांच की गई जांच में कृषकों से धान तौलाई का पैसा लेने का मामला सही पाया गया। अध्यक्ष प्रमोद कुमार चौबे ने अंचलाधिकारी से ठेकेदार को स्पष्टीकरण करते हुए कृषकों से वसूली गई पैसा लौटाने की बात कही। आयोजित बैठक में अनुपस्थित रहने वाले विभाग के पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण की मांग की गई। बैठक में मुख्य रूप से बीसीओ अजय शुक्ला, बीटीएम अजय साहू, बीपीओ फिरोज अंसारी, पशुपालन पदाधिकारी प्रमोद कुमार, प्रभारी कृषि पदाधिकारी रामनाथ चौधरी, चिकित्सा विभाग के प्रतिनिधि डॉ अनिल साह, 20 सूत्री सदस्य डॉ विश्वनाथ ठाकुर, हरेंद्र कुमार द्विवेदी, उदय कुशवाहा, चंद्रमणि पाठक, महेंद्र सिंह, वीरेंद्र नाथ तिवारी, प्रखंड सहायक, रिजवान अख्तर सहित कोई अन्य सदस्य उपस्थित थे। बैठक के बाद 20 सूत्री अध्यक्ष प्रमोद कुमार चौबे ने बताया कि प्रखंड के सभी पंचायतों में 14वें वित्त की राशि में व्यापक रूप से गड़बड़ी हुई है। करोड़ों रुपए की लागत से स्ट्रीट लाइट लगाया गया है, जिसकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रखंड में पिछले वित्तीय वर्ष में व्यापक रूप से पैसे की वसूली कर मनरेगा योजना से सिचाई कूप की स्वीकृति दी गई थी। इसके बावजूद प्रखंड में मनरेगा में मैनेज एवं मैटेरियल के 60/40 का रेशियो को दरकिनार करते हुए पैसे की उगाही कर बड़े पैमाने पर पशु शेड आदि की स्वीकृति दी गई है जो जांच के घेरे में है।

 

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