धर्म के मर्म को समझने की जरूरत : नामधारी



  

मेदिनीनगर : भारत को विश्व में एक धार्मिक देश के रूप में जाना जाता है लेकिन आज के दिन धर्म को लेकर पैदा हो रहे तनाव सिद्घ करते हैं कि देशवासियों को धर्म के मर्म को समझने की जरूरत है। धर्म तो परोपकार का पर्यायवाची होता है इसलिए धर्म वह है जो जोड़ने का काम करे न कि तोड़ने का। धर्म में उन्माद की कोई गुंजाईश नहीं होती इसलिए धर्मस्थानों पर जाकर लोगों को विश्व बन्धुत्व की प्रेरणा लेनी चाहिए। उक्त विचार झारखण्ड विधानसभा के प्रथम अध्यक्ष श्री इन्दर सिंह नामधारी ने चैनपुर प्रखंड के ग्राम चमरदोहरी में जलाभिषेक यात्रा का उद्घाटन करते हुए प्रकट किये। जलाभिषेक यात्रा वर्ष 2017 में नामधारी जी द्वारा निर्मित मंडप से शुरू हुई तथा कोयल नदी के तट तक पहुॅचकर जल उठाया। इस जल-यात्रा में सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित थे तथा महिलाएॅ बड़ी संख्या में मस्तक पर घड़ों को लिये जल-यात्रा में शामिल थीं जिनमें प्रमुख थे लिलेश्वर सिंह, अरूण पाण्डेय, श्यामबिहारी चन्द्रवंशी, संजय यादव इत्यादि।


 

 

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