राजा मेदिनी राय के आदर्शों को आत्मसात करने की जरूरत : संजय सिंह


मेदिनीनगर : प्रखण्ड के दुबियाखाड़ में आयोजित दो दिवसीय आदिवासी महाकुंभ मेला का आज समापन हो गया। इस अवसर पर आयोजित समारोह का शुभारंभ राजा मेदिनी राय की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया। इस अवसर पर अपने संबोधन में जिला परिषद के उपाध्यक्ष संजय सिंह ने पलामू के प्रजाप्रिय राजा मेदिनी राय के इतिहास की चर्चा की। कहा कि उनके सिद्घांत व आदर्शों को आत्मसात करने की जरूरत है। राजा मेदिनी राय के बेहतर समाज की
परिकल्पना को साकार करने के लिए उनके कार्यकाल से सबक लेने की जरूरत है। इसके लिए हमसभी को जात-पात व धर्म-मजहब से उपर उठकर समाज व राष्ट्रहित में काम करना होगा। संकीर्ण मानसिकता के खिलाफ आवाज बुलंद करना होगा। उन्होंने कहा कि दुबियाखाड़ मेला आदिवासियों की पहचान के साथ एक संस्कृति भी है। इसे सहेज कर रखना होगा। श्री सिंह ने कहा कि राजा मेदिनी राय का इतिहास गौरवशाली रहा है। उन्होंने शासन की जो संस्ति पलामू को दी है उसी तरह सेवाभाव से जनता का सेवा करना होगा। श्री सिंह ने आदिवासी समुदाय के विकास के लिए हमेशा आगे रहने का वादा किया। सुंदर पलामू के निर्माण के लिए निष्ठा व इमानदारी से काम करने की बात कही। कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के लिए काम कर रहे हैं। मेला स्थल को पर्यटन के रूप में विकसित करना उनका सपना है। विकास योजनाओं के साथ मेला को जोड़ने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि अशिक्षा के कारण आदिवासी समाज में जागरूकता का अभाव होने के साथ-साथ अंधिविश्वास कायम है। इसे दूर करने के लिए अभियान चलाने की जरूरत होगी। कहा कि राजा मेदिनी राय के वंशजों को सम्मानित कर वे खुद गौरवान्वित कर रहे हैं। मौके पर जिप अध्यक्ष प्रभा देवी, उपविकास आयुक्त बिन्दु माधव प्रसाद सिंह, मेला आयोजन समिति के अध्यक्ष अर्जुन सिंह, जिप सदस्य प्रमोद सिंह, देवलाल सिंह निराला समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

 

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