डीसी ने नेताओं को पढ़ाया आचार संहिता का पाठ, मान्यता प्राप्त पार्टियों को बूथ लेबल एजेंट नियुक्त करने का दिया निर्देश




मेदिनीनगर : जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त शांतनु कुमार अग्रहरि ने बुधवार की शाम समाहरणालय के सभाकक्ष में जिले के विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इस बैठक में मुख्य रूप से लोकसभा चुनाव पर चर्चा की गयी। उपायुक्त ने कहा कि लोकसभा चुनाव की घोषणा की साथ ही पूरे जिले में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गया है। जिसका अनुपालन सभी को सुनिश्चित करना है। उन्होंने चुनाव से जुड़ी जानकारी देते हुए राजनैतिक दल के लोगों से निष्पक्ष व शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने में सबके सहयोग का आह्वान किया। कहा, सभी राजनीतिक दल भी आदर्श आचार संहिता के दायरे में काम करना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग की घोषणा के अनुसार झारखण्ड राज्य के लिए निर्धारित प्रथम चरण के चुनाव के दौरान पलामू जिले में 29 अप्रैल को मतदान कराया जायेगा। नामांकन प्रक्रिया की जानकारी देते हुए डॉ. अग्रहरि ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश के आलोक में प्रत्याशियों को फॉर्म 26 में शपथ पत्र देना आवश्यक होगा। प्रत्याशी शपथ पत्र के माध्यम से अपने अपराधिक मामलों, दंड, परिसंपत्तियों, देयताओं और शैक्षणिक अहर्ताओं की घोषणा करना आवश्यक होगा। इसके अलावे उन्होंने राजनीतिक दल के प्रतिनिधियों से रेट चार्ट निर्धारित करने के निर्देश दिये। कहा कि नामांकन के दौरान प्रपत्र के सभी कॉलम अभ्यर्थियों द्वारा भरा जाना आवश्यक है। उन्होंने मान्यता प्राप्त सभी राजनीतिक दल के प्रतिनिधियों से मतदान केन्द्रों पर बूथ लेबल एजेंट की नियुक्ति शीघ्र करने की बात कही। कहा कि इससे मतदाता सूची में छूटे हुए योग्य नागरिकों का निबंधन करने में उनका सहयोग प्राप्त किया जा सकेगा। बैठक के दौरान उपायुक्त डॉ. अग्रहरि ने साफ-साफ कहा कि चुनाव के दौरान सभी प्रत्याशी वाहनों का इस्तेमाल, हेल्पलाईन नम्बर-1950, सी विजिल ऐप एवं प्रचार के लिए हेलीकॉप्टर के इस्तेमाल के साथ-साथ नामांकन प्रक्रिया से जुड़े मामलों में भारत निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशों का अक्षर सह अनुपालन सुनिश्चित करेंगे। बताया कि आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में आरपी एक्ट 1951 के सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई का प्रावधान है। चुनाव प्रक्रिया से संबंधित नामांकन अनुमति, मतगणना एवं परिणाम की घोषणा के लिए एक सिंगल इंट्रीग्रेटेड एप्लीकेशन ‘सुविधा’ का इस्तेमाल किया जा सकता है। बताया गया कि विधि विभाग की अधिसूचना द्वारा झारखण्ड संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम 2014 पारित किया गया है। जिसमें अधिनियम-5 की धारा-3 में संसोधन (1) अधिनियम की धारा-3 की उपधारा-2 के बाद एक नई उपधारा-3 जोड़ी गयी है। बैठक में भाजपा, राजद, झामुमो, बसपा, झाविमो आदि राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

 

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