धर्म परिवर्तन पूर्वजों का अपमान :संदीप




भंडरिया:भंडरिया थाना क्षेत्र के सरईडीह गाँव में सरना सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस मौके पर दर्जनों सरना धर्मावलंबियों ने सरना स्थल पर पाहन के द्वारा सरना पद्धति से पूजन किया। पूजन के पश्चात समारोह का आयोजन किया गया जिसमें जनजाति सुरक्षा मंच के संयोजक सोमा उराँव विशिष्ट अतिथि एवं रंकागढ़ के छोटे राजा गुलाब सिंह मुख्य अतिथि रहे। अतिथियों का स्वागत दर्जनों महिलाओं ने स्वागत गीत गाकर किया। इस मौके पर वनवासी कल्याण आश्रम के झारखंड प्रांत सह संगठन मंत्री कैलाश उराँव ने अपने संबोधन में सरना संस्कृति के महत्व को बताते हुए अपने धर्म संस्कृति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हिन्दू नही होते तो हिन्दुस्तान नही होता। अपने सोलह संस्कारों का पालन हम करते हैं। भगवान राम,शिव को मानने वाले हमसभी हैं। पर हमारे संस्कार खतम करने के साजिश चल रहे हैं। विशिष्ट अतिथि सोमा उराँव ने अपने संबोधन में कहा कि देश में 650 प्रकार का जनजाति समाज है,जिसकी आबादी 12 करोड़ थी। झारखंड में 32 प्रकार की जनजातियों का अस्तित्व है,किन्तु इसाई धर्म के एजेंटों के द्वारा विभिन्न प्रकार से लोभ देकर,भ्रमित करके हम सरना धर्मावलंबियों का धर्मान्तरण कराया जा रहा है। उन्होंने उपस्थित लोगों को अपने धर्म में बने रहने, मूल धर्म संस्कृति का पालन करने का लाभ बताया। अपने पूर्वजों के संस्कार, पूजा पद्धति की सुरक्षा करते हुए धर्मान्तरण में लगे लोगों से सावधान रहने का आग्रह किया। विभिन्न प्रकार से लोभ देने वालों से सावधान रहकर अपने जनजाति समाज के लोगों को अपने ही समाज में विवाह आदि करने का आग्रह किया। मुख्य अतिथि गुलाब सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि वनवासी समाज और अपने समाज के शहरवासियों के बीच समन्वय के अभाव में बाहरी तत्व वनवासियों को भ्रमित करके धर्मांतरण कराते हैं। समन्वय के अभाव में वनवासी समाज खूद को उपेक्षित महसुस करता है, और इसका लाभ धर्मांतरण में लगे लोग करते हैं। उन्होने अनेकों महापुरुषों का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए जनजाति समाज की गौरवशाली इतिहास का वर्णन किया। उन्होंने इसे अस्तित्व की लड़ाई बताते हुए कहा कि हम अपने धर्म को छोड़कर अन्य धर्मों में गये तो पूर्वजों की संस्कृति, पूजन पद्धति विलीन हो जाएगी, हमारी मूल पहचान ही समाप्त हो जाएगी। सरना सम्मेलन को संबोधित करने वाले अतिथियों में केन्द्रीय युवा सरना विकास समिति झारखंड के अध्यक्ष सोमा उराँव, झारखंड आदिवासी सरना विकास समिति के अध्यक्ष मेघा उराँव, समिति के संरक्षक जयमंत्री उराँव एवं लोरेया उराँव शामिल थे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गढ़वा जिला कार्यवाह नितेश जी, वनवासी कल्याण केंद्र के पलामू जिला संगठन मंत्री सुरेश सिंह, गढ़वा जिला संगठन मंत्री सुमन उराँव, राजेश्वर जी, संजीव उराँव, हिन्दू जागरण मंच भंडरिया प्रखंड संयोजक आनंदी सिंह, समाजसेवी बिरझू सिंह,इंग्लेश दूबे,जीतन सिंह,महेन्द्र उराँव, गंभीरा सिंह,बागेश्वर सिंह,जगन उराँव उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन झारखंड श्रद्धा जागरण प्रमुख रामजी उराँव जी ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में पाहन रामपृत उराँव, अंबिका सिंह,रघुवीर उराँव,सुरेन्द्र जी,प्रेमवीर उराँव, फौजदार उराँव आदि शामिल थे।

 

(पलामू प्रमंडल की ख़बरों के लिए बंशीधर न्यूज़ मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

शेयर करें